Know what things India invented, जिसे देख विदेश आज भी रहते है हैरान

आज के जमाने में आप सभी को पता है देश विदेश कितनी तरक्की कर ली है। साथ ही साथ आज तक में न जाने कितने अविष्कार कर लिए है। लेकिन बहुत लोगो को इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी नही है। बहुत लोगो का यह भी सोचना है की हमारे भारत के लोग विदेश के लोगो से कम ज्ञानी आज फ्रेंड्स ये बता की दुनिया में सबसे पुरानी सभ्यता भारत की वैधिक सभ्यता को माना गया है इसलिए हमारे भारत ने विश्व को जितना दिया है उतना किसी ने nhi diya हैं। इसे पढ़ने के बाद आपकी सारी गलतफहमी दूर हो जायेगी।

1.शून्य (0)

शून्य सोच के आप जरूर दंग रह गए होंगे लेकिन यह सच है। कई लोग ये भूल चुके है की शून्य का अविष्कार हमारे भारत के महान गणितज्ञ आर्यभट ने लगभग 500 ईसा पूर्व किया था।

तो इसे मत भूले, आप सोचेंगे शून्य में क्या है तो आपको बता शून्य ही एक ऐसी संख्या है जिसे कोई मतलब नहीं बन के भी बहुत है। शून्य के बिना दुनिया में कोई भी कैलकुलेशन करना या कंप्यूटर में काम करना संभव नही था। इसलिए शून्य को विज्ञान का बहुत ही महान खोज माना जाता है। जो की हमारे भारत में हुआ।

2. बटन

जी हा बटन का अविष्कार सबसे पहले भारत में हुआ था। उसके बाद इसके देखा देखी विदेशी में भी बटन बनना शुरू हो गए। आप जरा सोचिए अगर किसी भी कपरे में बटन नही होगा तो कैसा लगेगा।

चौक गए न आपको ये जानकर भी हैरानी होगी कि बटन का इस्तेमाल भारत में लगभग 5000 ईसा पूर्व से ही किया जा रहा है। शुरुआत में इस बटन को खास दर्जा मिलने से ज्वैलरी के द्वारा तैयार किया जाता था लेकिन बाद में इसे धीरे धीरे शर्ट में या अन्य कपड़ो में भी इस्तेमाल किया जाने लगा।

3. योगा

फ्रेंड्स योग का अविष्कार कही विदेश में नहीं भारत में किया गया था। कहा जाए तो दुनिया को भारत के तरफ से योग एक गिफ्ट है। जिसके करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहने के साथ साथ शारीरिक और मानसिक शांति भी प्रदान करता है।

कहा गया है की योग भारत में लगभग 1000 ईसा पूर्व से ही किया जा रहा है। योग में हर एक बीमारी का इलाज है। इन्हीं सब खूबियां के कारण योग आज देश विदेश सम्पूर्ण जगह में प्रसिद्ध है। यहां तक कि हर साल 21 जून को योग दिवस मनाते है।

4. Board games

दुनिया भर के सारे बोर्ड गेम का अविष्कार हमारे भारत में ही किया गया था फिर चाहे वो शतरंज हो साप सीढ़ी या लूडो। साप सीढ़ी का अविष्कार 93 वी सदी में ही ज्ञानदेव जो की एक मशहूर कवि थे उसके द्वारा किया गया था।

और शतरंज का खेल चंद्रगुप्त के साम्राज्य से ही खेला जा रहा है जिसे उस समय चतुरंगा नाम से जाना जाता था। इन खेलों को इस तरह भारत में बहुत पहले से ही खेला जा रहा था और इसी तरह यह खेल देश विदेश में प्रसिद्ध हुआ और विदेशो में भी पसंद और खेला जाने लगा।

5. नेचुरल कॉटन

नेचुरल कॉटन का इस्तेमाल सबसे पहले भारत में शुरू हुआ था। भारत में ही सबसे पहले कपास की खेती हुई थी और ये कपास के धागों का इस्तेमाल कपड़े बनाने में करने लगे।

इसके अलावा जूट और ऊन की शुरुआत भी सबसे पहले भारत में हुई। भारत के वजह से आज दुनियाभर के लोग कपास की खेती से कपड़े बना पाते है।

6. USB

USB इसके बारे में तो आप जानते ही होंगे लेकिन इसका पूरा नाम है Universal serial bus USB का इस्तेमाल आज जो लोग देश विदेश में कर रहे है उसका इन्वेंशन भारत में 1996 में अजय भट्ट ने किया था।

अजय भट्ट एक मशहूर इंडियन अमेरिकन कंप्यूटर आर्किटेक है जिसका जन्म बैंगलोर में 1957 ईस्वी में हुआ था। USB का इस्तेमाल डाटा ट्रांसफर करने या और भी चीजों में किया जाता है।

7. Rulers (scale)

भारत में रूलर्स का इस्तेमाल लगभग 1500 ईसा पूर्व पहले से कर रहे है ये आज के जमाने में बहुत इंपोर्टेंट चीज मानी जाती है। जो दुनिया को आज भारत के वजह से मिली है इनका इस्तेमाल कई सालो पहले बड़ी बड़ी इमारतों को बनाने में किया जाता था।

8. Wireless Communication

Wireless communication अगर उस जमाने में सोचा जाए तो लोग कहते की क्या फालतू बकवास कर रहा है मतलब की ऐसा कर पाना नामुमकिन था।

लेकिन भारत एक समय ऐसा आया जब भारत के महान वैज्ञानिक जगदीश चंद्र बोस ने पहली बार रेडियो वेव्स की मदद से Wireless Communication किया था।

हालाकि की इतिहास में बताया जा रहा है की इस प्रक्रिया को पहली बार करने का श्रेय इटली के अविष्कारक मार्कनी को दिया है। लेकिन जगदीश चंद्र बोस ने इस टेक्नोलॉजी का प्रोयोग मार्कोन से 2 साल पहले ही 1895 में ही कर दिया था।

9. प्लास्टिक सर्जरी

भारत में यह प्रक्रिया 600 इस पूर्व भारत के महान सर्जर जिसे फादर ऑफ सर्जर कहा जाता है सुश्रुता नाम के वैद ने मेडिकल सर्जरी के लिए एक बुक लिखी थी यह बुक सबसे पुरानी में से एक है।

उन्होंने इस बुक में बॉडी के एक पार्ट से दूसरे पार्ट में स्किन का ट्रांसप्लांट के बारे में बताया है। प्लास्टिक सर्जरी में माथे से स्किन का थोड़ा सा पार्ट काटकर नाक को फिर से कंस्ट्रक्ट किया जाता है।

इस तरह से भारत में पहली बार प्लास्टिक सर्जरी का प्रयोग किया गया था। जिसके कारण आज पूरी दुनिया में इस मैथड का इस्तेमाल लोग करते करते है।

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